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शरीर में दरà¥à¤¦ और बार-बार बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होना सिकल सेल बीमारी के हैं लकà¥à¤·à¤£, जानें इसके 4 पà¥à¤°à¤•ार
सिकल सेल के पà¥à¤°à¤•ार: सिकल सेल रोग à¤à¤• जेनेटिक बीमारी है, जिसमें खून बनने में समसà¥à¤¯à¤¾ होने लगती है। जिससे शरीर में कई लकà¥à¤·à¤£ नजर आने लगते हैं।
सिकल सेल (sickle cell in hindi) खून से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ बीमारी है जो शरीर के रेड बà¥à¤²à¤¡ सेलà¥à¤¸(RBC) को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है जिससे खून नहीं बनता और हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ की कमी होने लगती है। यह आमतौर पर माता-पिता से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में वंशानà¥à¤—त मिलती है। जिन लोगों को सिकल सेल बीमारी होती है उनके रेड बà¥à¤²à¤¡ सेलà¥à¤¸ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ à¤à¤¸ होता है जो कि हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ का असामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार है। इससे रेड बà¥à¤²à¤¡ सेलà¥à¤¸ का आकार बदल जाता है और वे सिकल शेप यानी कि अरà¥à¤§à¤šà¤¨à¥à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤•ार के आकार के जैसे नजर आने लगते हैं। इस तरह के आकारा के कारण यह बà¥à¤²à¤¡ सेलà¥à¤¸ के जरिठपूरी बॉडी में मूव नहीं कर पाती जिससे शरीर के टिशूज, सेलà¥à¤¸ और कई अंगों को नà¥à¤•सान होने लगता है। तो, आइठजानते हैं सिकल सेल के कà¥à¤› पà¥à¤°à¤•ार (sickle cell types in hindi) और फिर जानेंगे इसके लकà¥à¤·à¤£(sickle cell ke lakshan)
सिकल सेल के पà¥à¤°à¤•ार-Types of sickle cell in hindi
1. सिकल सेल à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ (Sickle cell anemia)
सिकल सेल à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾, इस रोग का आम पà¥à¤°à¤•ार है। इसे हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ à¤à¤¸à¤à¤¸ रोग à¤à¥€ कहते हैं। यह तब होता है जब आप दोनों माता-पिता से हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ à¤à¤¸ जीन मà¥à¤¯à¥‚टेशन के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पाते हैं। इस पà¥à¤°à¤•ार में, शरीर केवल हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ à¤à¤¸ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करता है।
2. सिकल हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨-सी डिजीज (Sickle Hemoglobin- C Disease)
हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ à¤à¤¸à¤¸à¥€ रोग सिकल सेल रोग का दूसरा सबसे आम पà¥à¤°à¤•ार है। यह तब होता है जब आप à¤à¤• माता-पिता से हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ बीटा à¤à¤¸ जीन और दूसरे से हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ सी जीन पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करते हैं। हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ à¤à¤¸à¤¸à¥€ रोग वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ à¤à¤¸à¤à¤¸ रोग वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के समान लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं।
3. सिकल बीटा-पà¥à¤²à¤¸ थैलसीमिया (Sickle Beta-Plus Thalassemia)
इसे हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ SB+ (बीटा) थैलेसीमिया à¤à¥€ कहते हैं। ये तब होता है जब आपको à¤à¤• माता-पिता से हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ बीटा S जीन और दूसरे माता-पिता से à¤à¤• हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ बीटा पà¥à¤²à¤¸ थैलेसीमिया जीन विरासत में मिला हो। इस पà¥à¤°à¤•ार में, कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ बीटा हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ होता है, लेकिन कम मातà¥à¤°à¤¾ में। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शरीर कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करता है, सिकल सेल रोग का यह रूप हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ à¤à¤¸à¤à¤¸ रोग से कम गंà¤à¥€à¤° होता है। लकà¥à¤·à¤£ आमतौर पर हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ à¤à¤¸à¤à¤¸ या à¤à¤¸à¤¸à¥€ रोग की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में हलà¥à¤•े होते हैं।
4. सिकल बीटा-जीरो थैलसीमिया (Sickle Hemoglobin-O Disease)
इसे हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ à¤à¤¸à¤¬à¥€ 0 (बीटा जीरो) थैलेसीमिया à¤à¥€ कहते हैं। हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ à¤à¤¸ बीटा शूनà¥à¤¯ थैलेसीमिया तब होता है जब आप à¤à¤• माता-पिता से हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ बीटा à¤à¤¸ जीन और दूसरे माता-पिता से हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ बीटा 0 थैलेसीमिया जीन मà¥à¤¯à¥‚टेशन पाते हैं। इसमें हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ à¤à¤¸à¤à¤¸ रोग के समान लकà¥à¤·à¤£ होते हैं और इसे सिकल सेल à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ कहा जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शरीर केवल हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ à¤à¤¸ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करता है।
सिकल सेल रोग के लकà¥à¤·à¤£-Sickle cell symptoms in hindi
सिकल सेल à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ आमतौर पर लगà¤à¤— 6 महीने की उमà¥à¤° में दिखाई देते हैं। ये à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होते हैं और समय के साथ बदल सकते हैं।
1. थकान और कमजोरी
सिकल सेल आसानी से टूट जाते हैं और मर जाते हैं जिससे थकान और कमजोरी होने लगती है। लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ आमतौर पर लगà¤à¤— 120 दिनों तक जीवित रहती हैं, इसके बाद उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बदलने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। लेकिन सिकल सेल आमतौर पर 10 से 20 दिनों में मर जाते हैं, जिससे लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं की कमी हो जाती है। परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं के बिना, शरीर को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ नहीं मिल पाती है और इससे थकान होती है।
2. शरीर दरà¥à¤¦
शरीर दरà¥à¤¦à¤¸à¤¿à¤•ल सेल à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– लकà¥à¤·à¤£ है। दरà¥à¤¦ तब विकसित होता है जब à¤à¤¸ आकार की लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ छोटी रकà¥à¤¤ वाहिकाओं के माधà¥à¤¯à¤® से आपकी छाती, पेट और जोड़ों में रकà¥à¤¤ के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को खराब कर देती हैं। à¤à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ तेज à¤à¥€ हो सकता है और कà¥à¤› घंटों से लेकर कà¥à¤› दिनों तक रह सकता है। इसके अलावा सिकल सेल à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ वाले कà¥à¤› लोगों में पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ दरà¥à¤¦ होता है, जो हडà¥à¤¡à¥€ और जोड़ों की कà¥à¤·à¤¤à¤¿, अलà¥à¤¸à¤° और अनà¥à¤¯ कारणों से हो सकता है।
3. हाथ-पैरों की सूजन
हाथ-पैरों की सूजन सिकल सेल का à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– लकà¥à¤·à¤£ है। सूजन सिकल के आकार की लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं के कारण होती है जो हाथों और पैरों में बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ को रोकती है।
4. बार-बार बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होना
सिकल कोशिकाà¤à¤‚ इमà¥à¤¯à¥‚निटी को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकती हैं, जिससे संकà¥à¤°à¤®à¤£ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है। सिकल सेल à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ वाले शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को आमतौर पर निमोनिया जैसे इंफेकà¥à¤¶à¤¨ बार-बार हो सकते हैं।
5. पà¥à¤¯à¥‚बरà¥à¤Ÿà¥€ में देरी होना
लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ शरीर को विकास के लिठजरूरी ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ और पोषक ततà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती हैं। ये सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं की कमी शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में विकास को धीमा कर सकती है और किशोरों में यà¥à¤µà¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ यानी पà¥à¤¯à¥‚बरà¥à¤Ÿà¥€ में देरी कर सकती है।
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